shiksha
"शिक्षा " रास्ते में पड़ी कुतिया है जिसे जो भी आता है लतियाता जाता है .....बहुत पहले श्री लाल शुक्ल जी ने कितनी सटीक व्याख्या की थी ....शिक्षा की जो आज भी सौ फीसदी सही है .......क्योंकि जो भी सरकार आती है वही प्रयोग करने बैठ जाती है !शायद शिक्षा ही वह हथियार है जिसके द्वारा बलात अपनी विचार धारा को फैलाया जा सकता है जो काम गुलामी के दौर में अंग्रेजों ने किया वही काम आज की सरकारें कर रही हैं .......!
..........अब वर्तमान मंत्री जी अपने प्रयोगों को लेकर चर्चा में हैं ! यह प्रयोग कितने सही हैं कितने गलत ....कितने सफल होते हैं कितने असफल यह तो भविष्य ही बताएगा ..
.......लेकिन मुझे जो कहना है वह यह कि मंत्री अफसर जो भी नीति नियम बनाते हैं वह शहरों और उच्च वर्ग को ध्यान में रखकर बनाते हैं बावजूद इसके कि भारत गाँव और गरीबों का देश है ! गाँधी बाबा ने भी कहा था कि भारत में कोई भी योजना बनाते समय सबसे आख़री व्यक्ति से शुरू करना चाहिए तभी वह सफल हो सकती है !और क्या यही कारण नहीं है कि इंडिया और भारत के बीच खाई दिन ब दिन बदती जा रही है .......! और फिर ग्रेडिंग सिस्टम से कोण सा क्रांतिकारी बदलाव आने वाला है सिर्फ नाम बदलने से परिवर्तन नहीं हुआ करते ....प्रतिशत की जगह ग्रेडिंग के लिए मारामारी नहीं होगी ...?
1 टिप्पणी:
बहुत बढिया लिखा है जी
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